
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान आज सुबह 7 बजे शुरू हुआ, लेकिन कुछ ही घंटों में तकनीकी गड़बड़ियों ने लोकतंत्र की रफ्तार धीमी कर दी। राज्य की करीब 10 सीटों पर EVM खराब हो गईं — यानी जनता वोट डालने पहुंची और मशीन बोली, “सॉरी, सिस्टम डाउन है!”
10 जिलों में EVM फेल: “तकनीक ने किया टाइम आउट”
दानापुर, मधेपुरा, राघोपुर, बख्तियारपुर और मनेर जैसे इलाकों में EVM खराब होने से वोटिंग कुछ देर के लिए ठप हो गई।
दानापुर के बूथ नंबर 196 पर वोटिंग करीब आधे घंटे रुकी रही, जबकि बख्तियारपुर में बूथ 316 पर लोगों की कतार इतनी लंबी हो गई कि चायवाले ने दूसरा ठेला खोल लिया।
बिहटा के बूथ पर गुस्सा, पर उम्मीद बरकरार
पटना के मनेर विधानसभा क्षेत्र के बेला पंचायत के बूथ 379 पर EVM करीब एक घंटे तक बंद रही।
गांव वालों में नाराज़गी दिखी, पर ज्यादातर लोग बोले – “मशीन खराब है, इरादा नहीं!”
लोगों ने कहा कि भले मशीन ने ब्रेक लिया हो, हम वोट डालकर ही घर जाएंगे।
चुनाव आयोग की सफाई: “मशीनें बदली जा रही हैं, प्रक्रिया सामान्य”
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजीयाल ने बताया कि जिन जिलों से शिकायतें आई हैं, वहां खराब EVMs को तुरंत बदला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण है और सुरक्षा बल तैनात हैं।

“लोगों से अपील है कि बाहर निकलें, वोट डालें — मशीनें नहीं, लोकतंत्र चल रहा है।”
“EVM भी बिहारी है – थोड़ा आराम चाहिए!”
“EVM भी बिहारी है, सुबह-सुबह काम शुरू नहीं करती बिना चाय पिए!” “पहले ‘पहले मतदान फिर जलपान’, अब ‘पहले रिपेयर फिर मतदान’ चल रहा है!”
पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान जारी है और आयोग लगातार निगरानी कर रहा है। मशीनें रिप्लेस हो चुकी हैं, लेकिन मतदाता अब भी कतार में हैं — क्योंकि बिहार में वोटिंग सिर्फ अधिकार नहीं, त्योहार है!
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